हम हैं आपके साथ

यह हमारी नवीनतम पोस्ट है:


कृपया हिंदी में लिखने के लिए यहाँ लिखे

आईये! हम अपनी राष्ट्रभाषा हिंदी में टिप्पणी लिखकर भारत माता की शान बढ़ाये.अगर आपको हिंदी में विचार/टिप्पणी/लेख लिखने में परेशानी हो रही हो. तब नीचे दिए बॉक्स में रोमन लिपि में लिखकर स्पेस दें. फिर आपका वो शब्द हिंदी में बदल जाएगा. उदाहरण के तौर पर-tirthnkar mahavir लिखें और स्पेस दें आपका यह शब्द "तीर्थंकर महावीर" में बदल जायेगा. कृपया "आपको मुबारक हो" ब्लॉग पर विचार/टिप्पणी/लेख हिंदी में ही लिखें.
तूफान लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
तूफान लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, जनवरी 03, 2012

नववर्ष 2012 की हार्दिक शुभकामनाएँ

आओ दोस्तों ! नववर्ष 2012 में प्रतिज्ञा लें कि "एक दीया तुम जलाओ, एक दीया हम जलाएं. कुछ अँधेरा तुम मिटाओ, कुछ अँधेरा हम मिटाएं" आप व आपके परिवार के सभी सदस्यों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ. 
नव वर्ष 2012 आपके एवं आपके परिवार के लिए सुख, शांति, सम्पन्नता, समृद्धि एवं सफलता लेकर आए । ईश्वर से नववर्ष पर यही कामना है।
   एक संकलन रचना पर गौर कीजिए:-
"चंद लम्हे ही सही"
चंद लम्हे ही सही , तेरा मेरा साथ चले ,
जब भी यारों में चले , तेरी मेरी बात चले ।
लोग हँसते रहें , खामोश हम अकेले में
देखते जाएँ जो तूफान और बरसात चले ।
बस तू एक बार ठहर जाओ मेरी बाहों में
अब्र में चाँद जो चाहे तो सारी रात चले ।
और सिरफिरा तुझे क्या चाहिए जमाने से
जब तलक चल सके ये पागले हालात चले ।
 
*******************
"उच्च आदर्शों के पुष्प चढ़ाएँ"
नए साल की प्रातः बेला में,
आओ मिलकर दिया जलाएँ;
ईश्वर से हम करें प्रार्थना,
उच्च आदर्शों के पुष्प चढ़ाएँ.
सरक जाता है जिस तरह रेत
समझ ले मानव मुठ्ठी से,
निकल गया यह कालखंड भी
सरककर आज हमारी मुठ्ठी से;
दुर्गुणों पर विजय करें हम
देश का जग में मान बढाएँ;
नए साल की प्रातः बेला में,
आओ मिलकर दिया जलाएँ.
क्या खोया क्या पाया हमने,
देखी प्रभु की माया हमने?
भटक रहे हम जिसकी खोज में
क्या उसे पाकर भी पाया हमने?
भटक गए हम स्वयं के अरण्य में
आओ खुद का पता लगाएँ;
नए साल की प्रातः बेला में,
आओ मिलकर दिया जलाएँ.
क्या सीखा हमने इस बीते वर्ष से?
क्या किया हमने इस बीते वर्ष में?
सोंचा है कभी शांतचित्त होकर
करना क्या है नए वर्ष में?
आओ मिलकर सोंचें-विचारें
नववर्ष की योजना बनाएँ;
नए साल की प्रातः बेला में,
आओ मिलकर दिया जलाएँ.
 
आया है समय नए अवसर लेकर 
करें प्रयत्न हम नव निर्माण का;
बीते दिनों के ध्वंस भुलाकर
करें स्वागत हम नवविहान का;
जाना है हमें मंजिल तक
आओ मिलकर कदम बढाएँ;
नए साल की प्रातः बेला में,
आओ मिलकर दिया जलाएँ;
ईश्वर से हम करें प्रार्थना,
उच्च आदर्शों के पुष्प चढ़ाएँ.
*********************
     मुझे अपनी वहकी हुई और पत्रकारिता की लक्ष्मण रेखा पार करती मेरी "कलम" के लिए मुझे फाँसी की भी सजा होती है।तब मैं अपनी फाँसी के समय से पहले ही फाँसी का फंदा चूमने के लिए तैयार रहूँगा और देश के ऊपर कुर्बान होने के लिए अपनी खुशनसीबी समझूंगा. इसके साथ ही मृत देह (शरीर) को दान करने की इच्छा है और अपनी हडियों की "कलम" बनवाकर देशहित में लिखने वाले पत्रकारों को बांटने की वसीयत करके जाऊँगा.  
http://shakuntalapress.blogspot.com/2012/01/blog-post.html
 
 

शनिवार, जनवरी 01, 2011

नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ!


नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ!
आप सभी पाठकों / दोस्तों को "शकुन्तला प्रेस ऑफ़ इंडिया प्रकाशन" परिवार की ओर से नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं! आप व आपके परिवार के लिए नववर्ष 2011 मंगलमय हो! इन्हीं शब्दों के साथ ही .....

सुनहरे सपनों की झंकार, लाया है नववर्ष
खुशियों के अनमोल उपहार लाया है नववर्ष
आपकी राहों में फूलों को बिखराकर लाया है नववर्ष
महकी हुई बहारों की ख़ुशबू लाया है नववर्ष
अपने साथ नयेपन का तूफान लाया है नववर्ष
स्नेह और आत्मीयता से आया है नववर्ष
सबके दिलों पर छाया है नववर्ष
आपको मुबारक हो दिल की गराईयों से नववर्ष!
नए साल की नई सुबह, लाये नई खुशियों की सौगात, 
सुख-समृध्दी का हो साम्राज्य, सपनों को मिले एक नया आयाम!
यह नववर्ष शुभ हो, नई खुशियों को लाये! 
यह साल मनमोहक फूलों की तरह से हो आपका जीवन!!
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...